पहला प्यार भुलाया नहीं जाता
यह कहानी दिल्ली में रह रहे अंकित नाम के लड़के की है जो गर्मी की छुट्टिया मनाने अपने मामा के घर मुंबई गया था | यह बहुत सिदा सा लड़का था इस लड़के में एक खास बात थी | यह कभी भी किसी को मुसीबत में नहीं देख सकता था चाहे वो कोई भी हो | ये हमेसा लोगो की मदद करता था यहाँ तक इसने बहुत लोगो की जान भी बचाई थी | मुंबई में उसके साथ जो हुआ शायद इसने सपने में भी नहीं सोचा होगा | आखिर ऐसा क्या हुआ अंकित के साथ चलिए जानते है |
अंकित चला मुंबई में छुट्टी मनाने
अंकित जब मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पंहुचा तो उसका भाई यानि मामा का लड़का रोहित स्टेशन पर उसे लेने आया | अंकित को देखकर रोहित बहुत खुश हुआ | दोनों भाई मुंबई में बहुत मजे कर रहे थे | 4-5 दिनों तक रोहित और अंकित मुंबई में घुमते ही रहे | 6 दिन बाद रोहित और अंकित शिद्धि विनायक मंदिर गणपति जी के दर्शन करने गए | जब दोनों भाई मंदिर से बाहर आये तब रोहित ने अंकित से कहा की मेरे फ़ोन से एक फोटो खीच दे जेसे ही अंकित रोहित की फोटो खींचने लगा तो गलती से एक लड़की को धक्का लग गया और उस लड़की ने अंकित को एक थप्पड़ मारा दिया | अंकित उस लड़की से बार बार माफ़ी मांग रहा था लेकिन वो लड़की अंकित को बहुत भला बुरा कहने लगी यह देखकर रोहित ने भी उस लड़की से माफ़ी मांगी लेकिन उस लड़की ने लोगो को इक्कट्ठा करके रोहित और अंकित पर छेड़खानी का आरोप लगा दिया | दोनों भाईयो ने उस लड़की से हाथ जोड़कर माफ़ी भी मांगी लेकिन वो लड़की फिर भी नहीं मानी और पुलिस की धमकी देने लगी | फिर रोहित ने लोगो से कहा की आप मंदिर के सी.सी.टी.वी. फुटेज में देख सकते हो आप लोगो को विश्वास हो जायेगा की कौन सही है और कौन गलत | जब लोगो ने सी.सी.टी.वी. फुटेज देखी तो पता चल गया की दोनों भाई सही बोल रहे थे | फिर लोगो ने उस लड़की से कहा की आप इन दोनों से माफ़ी मांगो लेकिन उस लकड़ी ने माफ़ी नहीं मांगी | लड़की वहा से चली गई | दोनों भाई भी वहा से चले गए |
जुहू चौपाटी का सफ़र
मंदिर वाली बात से अंकित का दिमाग ख़राब हो गया और अंकित को देखकर रोहित ने जुहू चौपाटी घुमने का प्लान बनाया | अगले दिन दोनों भाई जुहू बीच में घुमने चले गए | अचानक समुंदर में एक लड़की डूबने लगी और उसकी माँ रोने चिल्लाने लगी मेरी बेटी को कोई बचाओ लेकिन लोग मोबाइल से विडियो बनाने में लगे थे कोई भी उस लड़की को बचाने नहीं गया ये देख कर उस लड़की को बचाने के लिए अंकित समुंदर में कूद गया और अंकित ने क्या देखा की ये वही मंदिर वाली लड़की थी जो डूब रही थी | अंकित जब उसे समुंदर से बाहर लाया तो वो लड़की बेहोस थी फिर अंकित ने ही उस लड़की को अपने ही कार में बिठाकर हॉस्पिटल पहुचाया | अंकित और रोहित हॉस्पिटल से चले गए | रोहित अंकित से कहने लगा भाई तू किस मिट्टी का बना है जिस लड़की ने तुझे मंदिर में थप्पड़ मारा था तूने उसी की जान बचाई | अंकित ने जवाब दिया भाई यह मेने सिर्फ इंसानियत के नाते किया है और सभी को एक दुसरे की मदद करने चाहिए चाहे वो अपना हो या पराया | 2 दिन बाद उस लड़की को होस आया अब ये लड़की बिलकुल ठीक हो गई थी फिर इसकी माँ ने बताया की केसे किसी लड़के ने उसकी जान बचाई | इस लड़की के दिल में उस लड़के की लिए प्यार उमड़ आया जिसने इसकी जान बचाई थी लेकिन ये लड़की बिलकुल नहीं जानती थी की ये वही मंदिर वाला लड़का है जिसने इसकी जान बचाई है | ये लड़की उस लड़के की तलाश कर रही थी और अपने प्यार का इज्झार करना चाहती थी |
संयोग से फिर एक बार अंकित और मंदिर वाली लड़की बांद्रा रोड पर खड़े थे ये लड़की अंकित को घुस्से की नज़र से देख रही थी लेकिन अंकित रोड पार करने जा रहा था की अचानक एक कार ने अंकित को टक्कर मार दी रोड पर अंकित का बहुत खून बह गया था लेकिन कोई भी उसकी मदद को आगे नहीं आया यहाँ तक मंदिर वाली लड़की भी मोबाइल से विडियो बनाने लगी लेकिन उसे कोई हॉस्पिटल नहीं लेकर गया | 1 घंटे बाद एम्बुलेंस आई और अंकित को हॉस्पिटल ले गई | जब ये लड़की अपने घर पहुची जब इसने अपनी माँ को ये विडियो दिखाई तो इसकी माँ ने अंकित को पहचान लिया और बोली ये वही लड़का है जिसने समुंदर में डूबने से तुझे बचाया था | इस लड़की को दिल और दिमाग पर ऐसा धक्का लगा इसको समझ नहीं आ रहा था की अब ये क्या करे | ये अंकित से मिलने हॉस्पिटल जेसे ही गई तो डॉक्टर ने अंकित को डेथ खोसित कर दिया | ये लड़की हॉस्पिटल में खूब रोने लगी अंकित से माफ़ी मांगने लगी मुझे माफ़ कर दो मुझे इतनी बड़ी सजा मत दो प्लीज उठो में आपसे हाथ जोड़कर माफ़ी मांगती हूँ | लेकिन अब इस माफ़ी का कोई फायदा नहीं था जो एक बार चला जाये वो लोट कर दुबारा नहीं आता | जब माफ़ी मंगनी थी तब मांगी नहीं | अगर ये लड़की अंकित को हॉस्पिटल ले जाती तो अंकित आज जिन्दा होता | जिंदगी में कभी कभी छोटी छोटी गलतिया भी बहुत दर्द दे जाती है | इस कहानी से हम लोगो को बहुत बड़ी सिख मिली है चाहे कोई भी हो हमे एक दुसरे की मदद करनी ही चाहिए |
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