भूत की कहानी || भयानक सपना || Bhayanak Sapna || हिंदी में ||

भयानक सपना



आजकल सपने आना आम बात है | लोग तरह तरफ के सपने देखते है कुछ सपने आंखे खोलकर तो कुछ सपने नींद में |  कुछ सपने ऐसे होते है जो लोग आंखे खुली रखकर देखते है और सोचते है की हम अपने जीवन को किस तरह से बदले और हम ऐसा क्या करे जिससे की हमे भी दुनिया जाने | हमारा भी इस दुनिया में नाम हो पैसा हो इज्जत हो | लेकिन कभी कभी नींद में ऐसे सपने भी आ जाते है जो हमने कभी उनके बारे में सुना भी नहीं होता और जब ऐसे सपने आते है तो हम इससे भुलाना भी चाहे लेकिन भुला नहीं पाते और यह सपने हमारे दिल और दिमाग में इस तरफ बेठ जाते है की हमे रात में सोते हुए भी डर लगता है की कही ये सपना दुबारा ना आ जाए | आज में आपको ऐसे ही भयानक सपने के बारे में बताने जा रहा हूँ जो शायद ही कभी अपने सुना होगा | चलिए शुरू करते है |



रात को हवा में पैरो का लहरना



गर्मियों का दिन था | एक दिन मेरे साथ एक अजीबो गरीब घटना हुई वेसे तो में रात को 10 बजे तक सो जाता हूँ लेकिन एक दिन मुझे रात को सोते सोते 1 बज गया मुझे नींद नहीं आ रही थी फिर में अपने मोबाइल फ़ोन में गेम खेलने लगा | वैसे तो में अपने कमरे में अकेला ही सोता हूँ | इस कमरे में एक चारपाई है जो हमेसा बिछी हुई रहती है | गर्मियों का दिन था इसलिए में जमीन पर सोया था | रात करीब 1 बजे का समय था अचानक मेरे कमरे में बिल्ली गुस आई और रोने लगी अँधेरे में उसकी आंखे चमक रही थी मेने लाईट जलाई और उस बिल्ली को भगाया | फिर में वापस आकर गेम खेलने लगा थोड़ी ही देर बाद चारपाई टक टक करने लगी जेसे कोई इस पर बेठा हो मुझे कुछ समझ नहीं आया मेने सोचा शायद पंखे की हवा से टक टक कर रही होगी फिर थोड़ी ही देर बाद चारपाई और तेज टक टक करने लगी में इस सोच में था की पंखे की हवा से चारपाई इतनी तेज केसे टक टक कर सकती है  इस बार में डर गया और मेने चारपाई खड़ी कर दी अब 1:30 बज चुका था मुझे नींद आने लगी थी और में सो गया फिर थोड़ी देर बाद मेरा पंखा पता नहीं केसे बंद हो गया मेने लाईट चालू करके देखा लाईट आ रही थी मेने पंखे का स्विच बंद कर दिया फिर में सो गया मुझे समझ ही नहीं आ रहा था की मेरे साथ ये क्या हो रहा है | आखिर में 2:40 मिनट हो चुके थे करीब 3 बजे मुझे नींद आई इस बार में बड़ी गहरी नींद में सोया था अचानक मेरे दोनों पैर ऊपर उठने लगे और मेरे पैरो को किसी ने पकड़ रखा था जब मेने अपने पैरो को देखा तो मेरे दोनों पैर हवा में लहर रहे थे में अपने हाथ और पैर हिलाने की कौशिश कर रहा था लेकिन मेरे दोनो हाथ और पैर बिलकुल भी काम नहीं कर रहे थे में चिल्ला रहा था | रो रहा था | लेकिन मेरी आवाज किसी को सुनाई नहीं दे रही थी और कोई मेरे दोनों पैरो को पकड़कर सीडी की तरफ ले जा रहा था | यह कोई अदृश्य शक्ति थी जो मुझे सीडी से धक्का देंना चाहती थी | बड़ी मुश्किल से मेरी आंखे खुली तो मेने क्या देखा की में बहुत घबराया हुआ था यहाँ तक सच में मेरी आँखों में आंशु भरे हुए थे मुझे समझ नहीं आ रहा था की ये सपना था की हकीकत इसके बाद में पूरी रात सो नहीं पाया | इस सपने के बाद आज तक इस कमरे में, में अकेला कभी नहीं सोया | आज 6 महीने बीत गये लेकिन मुझे वो रात आज भी याद है | आज भी उस भयानक सपने के बारे में सोचता हूँ तो डर जाता हूँ | 





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